नाड़ी परीक्षण, त्रिदोष संतुलन और पारंपरिक आयुर्वेदिक औषधियों से जीर्ण व असाध्य रोगों का जड़ से प्राकृतिक निवारण।
श्री हनुमंत आयुर्वेदिक औषधालय सफेद दाग के उपचार में उत्तर भारत का प्रतिष्ठित केंद्र है। विशेष वानस्पतिक बाकुची रस, खदिर एवं रक्तशोधक योगों द्वारा त्वचा के मेलानोसाइट्स को सक्रिय कर स्वाभाविक वर्ण वापस लाया जाता है।
हाथ की कलाई से नाड़ी की गति और तरंगों का सूक्ष्म अध्ययन कर शरीर के वात, पित्त, कफ दोषों, आंतरिक अंगों की स्थिति और रोगों की प्रारंभिक अवस्था का सटीक निदान।
मधुमेह को केवल दवाइयों से नियंत्रित करने की जगह अग्न्याशय (Pancreas) के बीटा सेल्स को सक्रिय करने और मेटाबॉलिज्म को दुरुस्त करने का समग्र आयुर्वेदिक उपाय।
संधिवात, आमवात (Rheumatoid Arthritis), सर्वाइकल और कमर दर्द का आयुर्वेदिक लेप, औषधीय तेल मालिश और वात-शामक क्वाथ से दर्दमुक्त स्थायी समाधान।
जीर्ण कब्ज, खट्टी डकारें, एसिडिटी, भूख न लगना और बवासीर (Piles/Fistula) का पाचन अग्नि को जाग्रत कर प्राकृतिक वनस्पतियों द्वारा सम्पूर्ण निवारण।
एक्जिमा, सोरायसिस, दाद, खाज-खुजली और मुंहासों का रक्त शोधक द्रव्यों द्वारा आंतरिक शुद्धिकरण ताकि रोग दोबारा न लौटे।
हम रोगी के शारीरिक दोष, दिनचर्या और मानसिक स्थिति को समझकर समग्र व्यक्तिगत समाधान तैयार करते हैं:
रोगी के वात-पित्त-कफ और शारीरिक लक्षणों का गहरा विश्लेषण।
लक्षणों को दबाने के बजाय रोग के मुख्य कारण को समझना।
पारंपरिक रूप से निर्मित 100% शुद्ध औषधियों का निर्धारण।
रोग को सदा के लिए विदा करने हेतु अनुकूल खानपान व योग सलाह।